राफेल 2.0: आसमान में Game-Changer, दुश्मन बोले – Radar पर कौन आया?

अजमल शाह
अजमल शाह

भारत ने 114 नए राफेल फाइटर जेट्स की खरीद को मंजूरी देकर अपनी एयर पावर स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव संकेतित किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने इस अहम प्रस्ताव को हरी झंडी दी।

IAF पहले ही 26 Rafale-Marine जेट्स की डील कर चुकी है, लेकिन अब यह नई खेप वायुसेना की गिरती स्क्वाड्रन संख्या की चुनौती से निपटने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

Squadron Crunch: असली चिंता क्या है?

भारतीय वायुसेना को आदर्श रूप से 42 स्क्वाड्रन की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में सक्रिय स्क्वाड्रन की संख्या लगभग 29-30 के आसपास है।

ऐसे में 114 नए राफेल सिर्फ संख्या नहीं बढ़ाएंगे, बल्कि ‘Two-Front War’ की तैयारी को मजबूती देंगे — यानी पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर एक साथ ऑपरेशन की क्षमता।

Multi-Role Monster: एक मिशन, कई भूमिकाएं

राफेल की सबसे बड़ी ताकत इसकी मल्टी-रोल क्षमता है। Reconnaissance, Air Superiority, Ground Strike — सब कुछ एक ही sortie में। अगर टोही मिशन के दौरान दुश्मन का ठिकाना दिख जाए, तो राफेल तुरंत हमला कर सकता है — बिना बेस लौटे।

डिब्रूगढ़ से जैसलमेर तक तेजी से redeployment इसकी operational flexibility दिखाती है।

14 Hardpoints: Firepower का Full Package

राफेल में 14 हार्ड पॉइंट्स हैं, यानी 14 अलग-अलग हथियारों की तैनाती संभव।

प्रमुख हथियार:

  • Meteor Missile – Beyond Visual Range air-to-air capability
  • SCALP Missile – Long-range precision strike
  • HAMMER – All-weather smart weapon

इन हथियारों के साथ राफेल सिर्फ फाइटर नहीं, बल्कि flying weapons platform बन जाता है।

दुश्मन को भनक भी नहीं

राफेल का SPECTRA electronic warfare suite उसे incoming threats से बचाता है। Advanced data-link systems इसे नेटवर्क-केंद्रित युद्ध में बढ़त देते हैं। मतलब – attack पहले, detection बाद में।

France Factor: भरोसे का रिश्ता

भारत और फ्रांस के रक्षा संबंध दशकों पुराने हैं। Mirage-2000 से लेकर Rafale तक, फ्रांस लगातार भारत का रणनीतिक साझेदार रहा है। महत्वपूर्ण बात — फ्रांस ने कभी defense cooperation को राजनीतिक दबाव का हथियार नहीं बनाया।

पहले सवाल होता था — “राफेल की कीमत कितनी?”
अब सवाल है — “राफेल कितने आ रहे हैं?”

लगता है IAF अब quantity और quality दोनों पर एक साथ काम कर रही है।

114 Rafale की खरीद भारत की military modernization strategy का हिस्सा है। Indigenous platforms (जैसे LCA Tejas) और global partnerships के साथ balanced approach भारत को long-term strategic autonomy की ओर ले जा सकती है।

यह डील सिर्फ aircraft procurement नहीं, बल्कि deterrence strategy का हिस्सा है। अगर induction समय पर और phased manner में होती है, तो यह कदम भारत की वायु शक्ति को आने वाले दशक में निर्णायक बढ़त दे सकता है।

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